Saturday, February 18, 2012

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मुश्किल हालात और दुश्कर अभियानों में वायुसेना की ताकत बढ़ाने वाला एमआइ-17 वी-5 रूसी हेलीकॉप्टर भारत के हवाई बेड़े में शामिल हो गया है। वायुसेना की पैठ में इजाफा करने वाले इस उड़नखटोले के सहारे दुर्गम सीमांत इलाकों में रसद और सैन्य बलों को आपूर्ति में मदद मिलेगी। नए हेलीकॉप्टरों की तीन यूनिटें श्रीनगर, बागडोगरा और भठिंडा में तैनात की जाएंगी। वायुसेना में पहले से मौजूद एमआइ-17 हेलीकॉप्टरों के इस उन्नत संस्करण को विधिवत वायुसेना को सौंपने के बाद रक्षा मंत्री एंटनी ने कहा कि नए हेलीकॉप्टरों से भारतीय वायुसेना की अभियानों को अंजाम देने की क्षमता में इजाफा होगा। वरिष्ठ वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक इस हेलीकॉप्टर का इंजन काफी ताकतवर है जो सामान ढोने की क्षमता और प्रतिकूल मौसम में भी अभियानों को अंजाम देने में मदद करेगा। रूस से 2008 में हुए 80 हेलीकॉप्टर खरीद सौदे में 20 भारत को हासिल हो चुके हैं। इनकी पहली खेप सितंबर 2011 में भारत को हासिल हुई थी। इन हेलीकॉप्टरों की पहली तीन इकाइयां बागडोगरा, श्रीनगर और भठिंडा में तैनात की जानी हैं। वायुसेना अधिकारियों के अनुसार एमआइ 17 वी 5 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक वैमानिकी, मौसम का मिजाज पढ़ने वाला अपना रडार, ग्लास कॉकपिट से लैस है। साथ ही इसे उड़ाने वाले पायलट रात में देख सकें इसके लिए आधुनिक चश्मों का भी इंतजाम है। वायुसेना के हवाई बेड़े में अपनी तरह का यह पहला हेलीकॉप्टर है। उल्लेखनीय है कि एमआइ-17 सियाचिन ग्लेशियर की दुर्गम पर्वतीय ऊंचाइयों से लेकर संयुक्त राष्ट्र अभियानों में भी अपनी ताकत साबित कर चुके हैं। वायुसेना ने 1954 में एमआइ-17 हेलीकॉप्टर लिए थे और 2008 में इनका उन्नत संस्करण खरीदने का सौदा हुआ था।