नई दिल्ली सुरक्षा इंतजामों को ठेंगा दिखा भारत की समुद्री सीमा में हो रही सेंध की घटनाओं से हरकत में आए रक्षा मंत्रालय ने अब कील-कांटे कसने शुरू किए हैं। तटीय सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा बैठक में बुधवार को नौसेना और तटरक्षक बल के आला अफसर रक्षामंत्री एके एंटनी के सवालों से मुखातिब थे। रक्षामंत्री ने तटरेखा की हिफाजत के लिए नौसेना व तटरक्षक बल को हर उपलब्ध उपाय के जरिये लोगों का भरोसा कायम रखने की हिदायत दी। साथ ही ताकीद की कि किसी भी सूरत में एमवी पावित के मुंबई तट पहुंचने जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस कड़ी में एक महीने के भीतर तटरेखा पर रडार नेटवर्क स्थापित करने की योजना को भी हरी झंडी मिल गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारत के समुद्र तट पर 46 रडार लगाने की इस परियोजना पर एक महीने के भीतर काम शुरू हो जाएगा और साल भर के भीतर यह पूरा हो जाएगा। मंत्रालय प्रवक्ता सितांशु कार के अनुसार इस योजना के तहत मुख्य भूमि पर 36, लक्षद्वीप व मिनिकॉय में छह और अंडमान-निकोबार में चार रडार लगाए जाएंगे। साथ ही नौसेना और तटरक्षक बल को 51 केंद्रों को जोड़ने वाली योजना के भी अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है। रक्षामंत्री द्वारा बुलाई गई इस बैठक में 26/11 आतंकी हमले के बाद तटीय सुरक्षा के किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा की गई। नौसेना प्रमुख एडमिरल निर्मल वर्मा, तटरक्षक बल के मुखिया वाइस एडमिरल अनिल चोपड़ा, रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा समेत अनेक आला अधिकारी के साथ हुई इस बैठक में नौ अतिरिक्त तट रक्षक स्टेशनों की स्थापना की परियोजना को रफ्तार देते हुए अगले साल तक चार स्टेशन बनाने का भी निर्णय हुआ। सूत्रों के मुताबिक बैठक में नौसेना और तटरक्षक बल ने एमवी पावित जहाज के भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल होने के पूरे घटनाक्रम पर भी रक्षामंत्री को स्पष्टीकरण दिया। सूत्र बताते हैं कि सामान्य जहाज के मुकाबले इस पोत की बेहद धीमी रफ्तार ने जहां इसके मछुआरा नौका होने का भ्रम पैदा किया, वहीं खराब मौसम के कारण कुछ निगरानी उड़ानों के निरस्त होने ने इस मानव विहीन और खाली जहाज को मुंबई तक पहुंचने का मौका दे दिया। वहीं मछुआरों से भारतीय सीमा में इस जहाज के होने की सूचना मिलने पर भी 12 घंटे तक कार्रवाई नहीं हो सकी। उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह नियंत्रक महालेखा परीक्षक कैग ने भी अपनी एक रिपोर्ट में तटीय सुरक्षा चुनौतियों के मुकाबले तटरक्षक बल की तैयारियों पर सवाल उठाए थे। बैठक में नौसेना और तटरक्षक बल की ओर से समुद्र तट की सुरक्षा के लिए अपनी तैनाती का भी ब्योरा दिया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार फरवरी 2009 के बाद तटरक्षा में नौसेना पोतों की तैनाती में 60 से 80 फीसदी और हवाई उड़ानों में 100 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है।
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