Thursday, January 17, 2013

ढीले पड़े पाकिस्तान के तेवर





ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली सीमा पार से टकराव की आग भड़काने की कोशिशों पर भारत के सख्त रुख के कारण अब पाकिस्तान के तेवरों में नरमी दिखाई दी है। प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के कठोर संदेशों के साथ वीजा ऑन अराइवल के क्रियान्वयन को टालने, पाक व्यापार मंत्री की दिल्ली यात्रा के प्रति उदासीन रवैया दिखाने और हॉकी खिलाडि़यों को वापस भेजने सहित उठाए गए कदमों के एक दिन बाद ही पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई। सीमा पर लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रही पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन ने बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष को फोन कर बताया है कि नियंत्रण रेखा पर तैनात सभी पाक फौजियों को शांति समझौते का सख्ती से पालन करने व संयम बरतने के आदेश दिए गए हैं। सेना मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह 10:00 बजे दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने तनाव कम करने पर रजामंदी जताई। पाक अधिकारी ने नियंत्रण रेखा पर हुई गोलाबारी में अपने सैनिकों की मौत का मामला भी उठाया। हालांकि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि गोलाबारी की शुरुआत हमारी ओर से नहीं की गई। जवाबी कार्रवाई भी काफी नियंत्रित तौर पर की गई। भारतीय सैन्य खेमे के मुताबिक पाकिस्तानी रुख का आकलन सीमा पर उसके बर्ताव से किया जाएगा। भारत ने नियंत्रण रेखा पर अपनी निगरानी सख्त कर दी है। थर्मल इमेजर व नाइट विजन उपकरणों से न केवल कड़ी चौकसी बरती जा रही है, बल्कि हालात से निपटने की भी पूरी तैयारी की गई है। भारतीय सीमा में पाक द्वारा लगाए गए लैंडमाइन्स भी बरामद किए गए हैं। इसकी तस्वीरें सुबूत के तौर पर पाक सेना को सौंप दिए गए। पाक के साथ वीजा ऑन अराइवल का क्रियान्यवन टलने के बाद अब समूह वीजा सुविधा भी खटाई में पड़ने के संकेत मिलने लगे हैं। इस बीच, शाम को तीनों सेना प्रमुखों ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के लिए हुई बैठक के दौरान ताजा हालात पर चर्चा की। सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह के मथुरा से लौटने के बाद शुरू हुई यह बैठक करीब तीन घंटे चली। सेना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय जवानों की नृशंस हत्या की घटना को बर्बरतापूर्ण बताते हुए दो-टूक कहा था कि इसके बाद पाक के साथ संबंध सामान्य नहीं रह सकते। प्रधानमंत्री ने सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह के बयानों का भी समर्थन किया था कि उकसावे की किसी कार्रवाई का भारत माकूल जवाब देगा। इससे पहले तक पाकिस्तानी सेना का रवैया काफी सीनाजोरी का था। पाक अधिकारियों ने न तो 9 जनवरी को हुई बातचीत में किसी तरह की नरमी दिखाई थी और न ही चकना-दा-बाग में नियंत्रण रेखा पर हुई फ्लैग मीटिंग में उसके रवैये में कोई बदलाव आया था।
Dainik Jagran Naational Edition Date 17-01-2013Page-1 Shuraksha

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