ठ्ठ प्रणय उपाध्याय, नई
दिल्ली पाक
सैनिकों के घुसपैठ कर दो भारतीय सैनिकों का गला रेतने की घटना को अक्षम्य
अपराध करार देते हुए शीर्ष सेना नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत
उकसावे की ऐसी किसी भी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा। सेना प्रमुख जनरल
बिक्रम सिंह ने कहा कि जवाबी कार्रवाई कब, कहां और कैसे होगी यह
हम तय करेंगे।
उन्होंने माना कि पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं और 8 जनवरी
की घटना
ने भारत के मोर्चे पर कुछ कमजोरियों को उजागर किया है, जिन्हें
सुधारा जा
रहा है। पाकिस्तान
पर पलटवार करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि भारत पर 6 जनवरी को नियंत्रण
रेखा पार कर सैनिक कार्रवाई करने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। सेना दिवस
की पूर्व संध्या पर मीडिया से रूबरू सेनाध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान ने
सोची-समझी रणनीति के साथ 8 जनवरी
की कार्रवाई को अंजाम दिया। वहीं, अपनी हरकत
को जायज ठहराने के लिए भारत पर झूठे आरोप मढ़े। लांस नायक हेमराज व लांस
नायक सुधाकर सिंह की बर्बर हत्या पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए सेनाध्यक्ष
ने कहा कि भारत को उकसाने का माकूल जवाब मिलेगा। पाकिस्तान ने उड़ी
सेक्टर में भारत पर कार्रवाई का आरोप लगाया और फिर दो दिन के भीतर मेंढर
क्षेत्र में घुसपैठ कर दो सैनिकों का गला रेत दिया। ऐसे अभियान के लिए
कम से कम 15 दिनों
की तैयारी जरूरी है। साफ है कि उसने इसके लिए तैयारी की
थी। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक पाकिस्तान के एसएसजी कमांडो इसमें शामिल थे।
हालांकि उन्होंने इस बात से इन्कार नहीं किया कि इसमें लश्कर-ए-तैयबा के
आतंकी भी शामिल हों। जनरल सिंह ने कहा कि सरकार और सेना के
स्तर पर पाकिस्तान के साथ इस मामले को उठाया जा रहा है।
सेना के कमांडरों को निर्देश दिया गया है कि उकसाए जाने
पर वह तुरंत जवाबी कार्रवाई करें। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति
से स्थानीय स्तर पर ही निपटा जाएगा। सेना प्रमुख ने जोर दिया कि पाक युद्धविराम
तोड़ने के साथ ही सीमा को सुलगाने की भी कोशिश कर रहा है। गत दो
दिनों में निगरानी उपकरणों ने पाकिस्तानी सेना की हलचल पकड़ी है जो बताती
है कि घुसपैठ की कोशिशों को मदद के साथ बॉर्डर एक्शन टीमें भी सक्रिय हैं।
जनरल सिंह के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा स्थित भारतीय चौकियों
पर पाकिस्तानी गोलीबारी पर भारत का जवाब नपा-तुला और सटीक है। उन्होंने
मामूली झड़प के जंग में बदलने की संभावना से इन्कार किया। सेनाध्यक्ष
ने माना कि पाकिस्तान पहले भी भारतीय सैनिकों का गला रेतने जैसी घटनाओं
को अंजाम देता रहा है। पहली बार शीर्ष स्तर से हुई इस स्वीकारोक्ति में
जनरल सिंह ने माना कि मई, 2000 में
एक और जुलाई 2011 में
दो सैनिकों के
भी गला रेतने की घटनाएं सामने आई थीं। साथ ही सेना प्रमुख ने माना कि 8 जनवरी
की पाकिस्तानी हरकत ने हमारी कुछ रणनीतिक गलतियों को भी उजागर किया है, जिन
पर बाद में विचार किया जाएगा। अभी जांच से सैन्य बलों के मनोबल पर असर
पड़ेगा। (संबंधित
खबरें पेज-3 पर)
Dainik Jagran
Naational Edition Date 15-01-2013Page-1 ShurakSha
No comments:
Post a Comment