Thursday, December 23, 2010

सीसीटीवी कैमरे रखेंगे सीमा पर नजर

दुश्मन पर पैनी निगाह रखने के लिए अटारी सड़क सीमा पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। यहां ध्वजारोहण समारोह के दौरान लश्कर-ए-तोएबा व अन्य पाकिस्तानी एजेंसियां देश की एकता व अखंडता के लिए कोई समस्या न खड़ी कर पाएं, इसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित सद्भावना द्वार के दोनों तरफ दो कैमरों के साथ-साथ मुख्य प्रवेशद्वार तक 16 कैमरे लगाने का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए जीरो लाइन से लेकर मुख्य प्रवेशद्वार तक कई गढ्डे खोदे गए हैं। अंडरग्राउंड वायरिंग की जा रही है। इन सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल सीमा शुल्क विभाग के पास होगा, जबकि जीरो लाइन से लेकर 400 मीटर क्षेत्र में स्थापित सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल सीमा सुरक्षा बल के पास रहेगा। इसके अलावा सीमा शुल्क विभाग के आयात व निर्यात गोदामों में लोडिंग व अनलोडिंग होने वाले माल पर भी अब सीसीटीवी कैमरों की नजर होगी। सीमा के इस पार व उस पार आने-जाने वाले ड्राइवरों की गतिविधियों पर भी यह कैमरे नजर रखेंगे। पाकिस्तान से आने वाले माल की स्क्रीनिंग के लिए लगाई गई एक्सरे मशीन पर भी सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से लगाए गए ये कैमरे रिवाल्विंग हैं, जो पूरे क्षेत्र की पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम में देते हैं। सीपीडब्ल्यूडी ने इन कैमरों को लगाने का काम शुरू कर दिया है। संभावना है कि आगामी एक माह के भीतर यह काम पूरा हो जाएगा। इसके लिए एक बड़ा सरवर कस्टम विभाग के कार्यालय में स्थापित किया जा रहा है। सीमा शुल्क विभाग के डिप्टी कमिश्नर आरके दुग्गल ने बताया कि सीमा की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद ध्वजारोहण समारोह व पाकिस्तान से आयात व निर्यात होने वाले सामान पर पैनी निगाह रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे सहायक सिद्ध होंगे।

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