आइएमए (इंडियन मिलिट्री अकेडमी) की 11 जून को प्रस्तावित पीओपी (पासिंग आउट परेड) के मद्देनजर आसमान से भी सुरक्षा की जाएगी। सैन्य हेलीकॉप्टर और विमान पीओपी से दो दिन पहले ही हवाई सीमाएं सील करके आइएमए पर पैनी नजर रखेंगे। खुफिया विभाग व कमांडो दस्ते ने आइएमए के निकट मोर्चा संभाल लिया है। चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली जा रही है। आइबी की टीमों ने राजधानी में डेरा डाल लिया है। आइएमए पिछले लंबे समय से आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल रहा है। अमेरिका में गिरफ्तार किए गए आतंकी हेडली ने भी खुलासा किया कि उसने आइएमए और देहरादून के प्रतिष्ठित दून स्कूल व वुडस्टॉक स्कूल की रेकी की थी। पीओपी के दौरान आतंकियों के हमले का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आइएमए की सुरक्षा-व्यवस्था पुलिस और खुफिया एजेंसियों के चुनौती बनी हुई है। चूंकि, इस बार राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल पीओपी की सलामी लेंगी। ऐसे में खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां और सेना आइएमए की सुरक्षा में कोई भी कसर छोड़ने के मूड में नहीं हैं। खासतौर से उस वक्त, जब रुड़की में पीओपी से दस दिन पूर्व ही आइएसआइ एजेंट फुरकान अंसारी उर्फ अजय चौहान की गिरफ्तारी हुई हो। दरअसल, फुरकान ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह अपने दो साथियों के साथ बीते दो माह देहरादून के प्रेमनगर में रहा था। चूंकि, यह इलाका आइएमए से सटा है, ऐसे में माना जा रहा है कि फुरकान ने आइएमए व पीओपी से जुड़ी गुप्त सूचना आइएसआइ को फॉरवर्ड की हैं। ऐसे में इस बार पीओपी की सुरक्षा को नए सिरे से खास व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत जमीनी सुरक्षा के साथ हवाई सुरक्षा करने पर भी तैयारी है। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि पीओपी से दो दिन पहले ही सैन्य विमान और हेलीकॉप्टर हवाई सीमाएं सील कर देंगे। आइएमए पर आसमान से पैनी नजर रखी जाएगी।
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