कैग का खुलासा
रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय दक्षिणी कमान ने 2009-10 में 1,35,608 गोलों को अनुपयोगी घोषित कर दिया
यह गोला-बारूद 10 वर्ष की निर्धारित उपयोग अवधि को पूरा नहीं कर पाया था
नई दिल्ली (एजेंसी)। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि स्वदेशी डिजाइन से तैयार 408.06 करोड़ रुपए मूल्य का गोला बारूद बिना आंतरिक सव्रेक्षण किए बेकार घोषित कर दिया गया। थल सेना एवं आयुध फैक्टरी पर संसद में बृहस्पतिवार को पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, स्वदेशी गोला- बारूद को इस तरह से अनुपयोगी घोषित करने के कारण सेना की मांग को पूरा करने के लिए 278.88 करोड़ रुपए का गोला-बारूद आयात किया गया। कैग ने कहा कि हमारी जांच में यह बात आई है कि रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय दक्षिणी कमान द्वारा 2009-10 में गोला-बारूद के भंडार के निरीक्षण के आधार पर 1,35,608 गोलों को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया। 408.06 करोड़ रुपए मूल्य का गोला बारूद 10 वर्ष की निर्धारित उपयोग अवधि को पूरा नहीं कर पाए थे। सेना ने दोषों का कारण अनुपयुक्त गुणवत्ता नियंतण्रबताया जबकि आयुध फैक्टरी ने डिजाइन में कमी की ओर इशारा किया। गोला-बारूद का डिजाइन बनाने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा कि यदि गोला-बारूद में डिजाइन दोष था तब 1997- 2005 के दौरान निर्मित एवं आपूर्ति किए गए गोला-बारूद (शेष पेज 2)
Rashtirya sahara National Edition 30-11-2012 Page -1
Suhraksha