Sunday, November 4, 2012

राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को सर्वाधिक महत्व दे केंद्र


चेन्नई (एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कहा है कि केंद्र सरकार को 1962 में भारत-चीन के बीच हुए युद्ध से सबक लेते हुए देश की व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के निर्माण को सर्वाधिक महत्व देना चाहिए। संघ के महासचिव सुरेश जोशी ने बताया कि यहां आयोजित की गई संघ की कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन रविवार को इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र सरकार को सबसे अधिक ध्यान राष्ट्र की व्यापक सुरक्षा पर देना चाहिए। श्री जोशी ने कहा कि चीन कई क्षेत्रों में देश के लिए खतरा खड़ा कर सकता है। वह साइबर तकनीक का दुरुपयोग करके विकसित देशों की तकनीकी क्षमता को भी पंगु बना सकता है। उसने अपनी साइबर तकनीक युद्ध स्तर पर मजबूत बनाई है। केंद्र सरकार को भी अन्य देशों की तरह चीन से होने वाले खतरे के मद्देनजर साइबर सुरक्षा क्षमता में वृद्धि करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘संघ ने लगभग देा दशक पहले पूर्वी एवं दक्षिण पूर्वी देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने के लिए नई नीति बनाने का आह्वान किया था, लेकिन अगर हमें यह लक्ष्य प्राप्त करना है तो केंद्र सरकार को पहले 1962 के युद्ध से सबक लेना होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व देना होगा। बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है .1962 के बाद से चीन ने अपना हमला दूसरे रूप में जारी रखा है। वह तब से लगातार भारत-तिब्बत सीमा से देश की भूमि पर घुसपैठ करके उसे हड़पने में लगा है। चीन ने इस सीमा पर अपने मूलभूत ढांचे में कई निर्माण किए हैं। उसने यहां एयर बेस मिसाइल लांचिंग पैड, कैंटीन और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया है।

Rashtirya sahara National Edition 5-11-2012 सुरक्षा Page -13

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