Monday, November 19, 2012

बढ़ाए जाएं बारूदी सुरंग रोधी वाहनों में सुरक्षा मानक

बढ़ाए जाएं बारूदी सुरंग रोधी वाहनों में सुरक्षा मानक
नई दिल्ली, प्रेट्र : नक्सल विरोधी अभियानों में लगी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बारूदी सुरंग रोधी वाहनों को बेहतर बनाने की मांग की है। माओवादियों द्वारा लगाए जाने वाले आइईडी विस्फोटों में मरने वाले जवानों की बढ़ती तादात को देखते हुए इन वाहनों को पहियों पर चलते ताबूत (कॉफिन ऑन व्हील्स) कहा जाने लगा है। सीआरपीएफ ने आयुध फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) को अपनी इस समस्या से अवगत करा दिया है। नक्सल प्रभावित इलाकों में काम कर रहे सीआरपीएफ कमांडरों ने ओएफबी के विशेषज्ञों से हाल ही में मुलाकात की थी। इनमें वाहन फैक्ट्री, जबलपुर के विशेषज्ञ भी थे। अ‌र्द्धसैनिक बलों के वाहन जबलपुर में ही बनाए जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीआरपीएफ ने विशेषज्ञों को बताया कि ज्यादातर मामलों में आइईडी विस्फोट के बाद वाहन के अंदर मची हलचल से जवानों को गंभीर चोटें आती हैं। इन वाहनों के अंदर सख्त धातुओं का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस बल ने मांग की है कि वाहनों के अंदर की डिजाइन को ऐसा बनाया जाए कि जवानों को चोट न आए। पिछले साल तत्कालीन सीआरपीएफ प्रमुख के. विजय कुमार ने इन वाहनों को कॉफिन ऑन व्हील्स का तमगा दिया था। कुमार का कहना था कि इन वाहनों को हमारी जरूरतों के हिसाब से डिजाइन नहीं किया गया है। सीआरपीएफ ने नाटो द्वारा अफगानिस्तान में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों के डिजायन के बारे में ओएफबी से चर्चा की है। नक्सलवादियों द्वारा गया के जंगलों में 18 अक्टूबर को लगाए गए आइईडी से 6 जवानों की मौत हो गई थी। सीआरपीएफ ने जवानों को निर्देश दिया है कि वे इन वाहनों का इस्तेमाल करने की बजाय पैदल जाया करें।
Dainik Jagran National Edition 19-11-2012 Page -5 lqj{kk)


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