भारत ने शुक्रवार को अपनी मिसाइल क्षमता को एक बार फिर परखा। इसके लिए उसने एक ही दिन में दो अलग-अलग तरह की बैलेस्टिक मिसाइलों धनुष और पृथ्वी-टू का सफल परीक्षण किया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी सतह से सतह पर कम दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइल हत्फ-2 या अब्दाली बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। धनुष मिसाइल ने हवा में लक्ष्य पर निशाना साधा जबकि पृथ्वी-टू ने सतह से सतह पर मार किया। दोनों मिसाइलें 350 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम हैं और पूरी तरह भारत में विकसित की गई हैं। इन्हें परमाणु हथियार के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। धनुष को बंगाल की खाड़ी में नौसेना के जहाज आइएनएस सुवर्णा से हवा में लक्ष्य साधने के लिए छोड़ा गया। इसके एक घंटे के अंदर सतह से सतह पर मार करने वाली पृथ्वी-टू मिसाइल का परीक्षण हुआ। यह परीक्षण यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आइटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से समुद्र में किया गया। आइटीआर के निदेशक एसपी दास ने कहा कि धनुष ने बिल्कुल सटीक निशाना साधा। उन्होंने आगे कहा, सभी रडार और तट पर लगे हुए उपकरणों ने इन मिसाइलों के काम तय मानकों पर परखा। दोनों मिसाइलें पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी हैं। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इन सफल परीक्षणों के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सभी वैज्ञानिकों, तकनीशियनों और सैन्य बलों को बधाई दी है। इन दोनों मिसाइलों का 6 मार्च 2011 को बैलिस्टिक हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली के सफल प्रदर्शन के पांच दिनों के भीतर परीक्षण किया गया है। वहीं, पाकिस्तान ने कहा है कि 180 किमी तक मार कर सकने वाली हत्फ मिसाइल सभी तरह के परमाणु और पारंपरिक हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं। यह परीक्षण किसी गुप्त स्थान पर किया गया|
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