Sunday, March 13, 2011

क्या भारत के परमाणु संयंत्र सुरक्षित हैं?


जापान में शुक्रवार को आई सुनामी के बाद परमाणु आपातकाल घोषित कर दिया गया। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि देश में भूकंप की स्थिति में क्या हमारे परमाणु संयंत्र सुरक्षित हैं? देश में 20 परमाणु संयंत्र संचालित हैं। जिनकी ऊर्जा क्षमता 4780 मेगावॉट है। मुंबई में परमाणु ऊर्जा विभाग के सार्वजनिक जागरुकता डिवीजन के एस.के. मल्होत्रा का कहना है, दुनिया भर में परमाणु संयंत्र प्राकृतिक आपदाओं, जलस्तर बढ़ने और हवा की गति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा सुविधाओं के साथ डिजाइन किए गए हैं। क्या प्राकृतिक आपदा आने पर संयंत्र खुद ब खुद सुरक्षित तरीके से बंद होकर परमाणु संयंत्र को ठंडा करने में सक्षम हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, भारत समेत दुनिया के सभी आधुनिक परमाणु संयंत्र इस प्रकार बनाए गए है कि संयंत्र के अंदर मौजूद यूरेनियम और अन्य रेडियोएक्टिव सामग्री बाहर न आ सके। मल्होत्रा ने बताया अगर मिसाइल से भी हमला किया जाए, तो भी रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। आपदा के शांत होने के बाद परमाणु संयंत्र को वैज्ञानिक नुकसान का जायजा लेने के बाद दोबारा शुरू कर सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु में कलपक्कम परमाणु ऊर्जा स्टेशन का उदाहरण दिया कि वर्ष 2004 में आई सुनामी से इस क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा था। उस दौरानऊर्जा संयंत्र ऑटोमेटिक तरीके से बंद हो गए थे। स्थिति का आकलन करने के एक हफ्ते बाद संयंत्र और उसकी इकाइयों ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया था। हालांकि स्वयंसेवी संस्था ग्रीनपीस की करुणा रैना उनसे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है, हमें यह बात समझ लेना चाहिए कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र से जोखिम है। रिसाव होने पर इसका मानव स्वास्थ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 

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