Saturday, September 22, 2012

किसी हाल में नहीं दोहराने देंगे 1962




ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली चीन के साथ 1962 की लड़ाई को अगले माह 50 बरस पूरे होंगे। इससे पहले सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि भारतीय फौज अब किसी भी सूरत में उसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देगी। हमारे पास अपनी सरहदों की हिफाजत की योजनाएं हैं। वहीं, पाक अधिकृत कश्मीर में चीनी सेना की मौजूदगी को चिंताजनक मानते हुए जनरल सिंह ने कहा कि हम अपनी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। इस बारे में हमने अपनी चिंताएं सरकार को बता दी हैं। सेना प्रमुख जनरल सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं भारतीय सेनाध्यक्ष के तौर पर यह भरोसा देता हूं कि किसी भी हालत में हम 1962 को दोहराने नहीं देंगे। हमारे पास देश की सीमाओं की रक्षा करने की क्षमता और योजना है। किसी एक देश की बात नहीं है, हम किसी को भी भारत की सीमाओं में दाखिल नहीं होने देंगे। पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चीनी सैनिकों की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी सेना को है। सेना की मिली सूचनाओं के अनुसार चीनी सैनिक पीओके में जारी रेल, सड़क व पनबिजली परियोजनाओं को सुरक्षा देने के लिए हैं। महत्वपूर्ण है कि भारत इस मामले को उठा चुका है। बीते दिनों समाप्त संसद के मानसून सत्र में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीन की ढांचागत परियोजनाओं पर भारत की पूरी नजर है। इसके बारे में भारत ने अपनी चिंता चीन के सामने रख दी है और उनसे पीओके में सारे काम रोकने के लिए कहा है। इस बारे में रिपोर्ट आती रही हैं कि पीओके में चीन के चार हजार से ज्यादा सैनिक मौजूद हैं। हालांकि सेनाध्यक्ष ने चीन के साथ लगी सरहद को शांतिपूर्ण बताते हुए स्पष्ट किया कि घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। चूमर क्षेत्र में 29 जुलाई को चीन और भारत के गश्ती दलों के बीच हुए आमने-सामने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी मान्यता के आधार गश्त करते हैं। ऐसे में कई बार आमना-सामना हो जाता है जिसमें तनाव टालने के लिए बैनर दिखाने की व्यवस्था है। फिलहाल चीन से खतरा नहीं : केटी परनायक नौशहरा : चीन लद्दाख में पाकिस्तान की तरह हरकतें नहीं कर रहा। वहां सिर्फ स्मगलिंग की ही वारदातें हो रही हैं। इस मसले पर उसके साथ बातचीत होती रहती है। चीन सीमा पर अगर कुछ हो रहा है तो उसे रोका जाएगा। चीन अभी हमारे लिए पाकिस्तान की तरह खतरा नहीं बन रहा। लद्दाख में हमारी सेना ने सीमा पर पूरी नजर रखी है। यह कहना है उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनायक का।

दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -3,20-9-2012 lqj{kk

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