जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : वास्तविक नियंत्रण रेखा पर
चीन के गश्ती दल के भारतीय हद में आने का ताजा मामला
सामने आया है। लद्दाख के चूमर इलाके में 29 जुलाई को भारत
और चीन के गश्ती दल एक-दूसरे के सामने आ गए थे। सैन्य
सूत्रों का हालांकि कहना है कि गश्ती टुकडि़यों के इस आमने-सामने आने की
परिणति किसी तनाव में नहीं हुई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों ओर के
गश्ती दल बैनर दिखाकर लौट गए। महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के बीच 2005 में
हुए समझौते के तहत व्यवस्था है कि ऐसा वाकया पेश आने पर
दोनों पक्ष बैनर
दिखाकर लौट जाएं। दोनो
देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब 1700 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र
विवादास्पद है। दोनों पक्ष अपनी धारणा के मुताबिक सीमा पर गश्त करते
हैं और इसके चलते शांति समझौते के बावजूद नियंत्रण रेखा पर गश्ती दल आमने-सामने
आ जाते हैं। दैमचोक, पंगोंग
सो झील और चुशुल जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के
जवान प्राय: आमने-सामने आ जाते हैं। जुलाई में ही लेह के
उपायुक्त ने राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर 12 जुलाई को चीनी दल के
भारत में
घुसने और लद्दाख के फुकचे क्षेत्र में नहर के काम को रुकवाने का मामला उठाया
था। उन्होंने सरकार से गृह व विदेश मंत्रालय के साथ मामला उठाने का आग्रह
किया था। बीते दिनों रक्षा मंत्री एंटनी ने संसद में कहा था कि गत तीन
सालों के दौरान भारतीय क्षेत्र में चीन के किसी अतिक्रमण का मामला सामने
नहीं आया है।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -1,19-9-2012
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