Tuesday, September 18, 2012

पहली बार चीन सीमा पर तैनात होंगे टैंक



नई दिल्ली, प्रेट्र : भारतीय सीमाओं से सटे इलाकों में चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी के मद्देनजर भारतीय सेना पहली बार देश के उत्तर व पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तोपखाना और टैंक ब्रिगेड तैनात करने की योजना बना रही है। हाल में सेना ने माउंटेन स्ट्राइक कॉ‌र्प्स के जवानों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कुल एक लाख सैनिक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। आमतौर पर मुख्य युद्ध टैंकों और बीएमपी-2 इंफेंट्री कॉम्बेट व्हिकल के साथ इस तरह की बख्तरबंद तैयारी युद्ध के समय की जाती है। सूत्रों के मुताबिक, सैन्य क्षमता बढ़ाने को लद्दाख और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में रूसी टैंकों, इंफेंट्री कॉम्बेट व्हिकल सहित बख्तरबंद ब्रिगेड तैनात करने की योजना है। सेना उत्तराखंड व लद्दाख में दो स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड भेजने की भी योजना बना रही है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए 10 हजार अतिरिक्त सैनिकों को भेजा जाएगा। वर्तमान में यहां सेना की जल और थल दोनों में लड़ने वाली ब्रिगेड तैनात है। विस्तार-आधुनिकीकरण योजना में चीन की सीमा के नजदीक नई हवाईपट्टी और हेलीपैड बनाना भी शामिल है। चीन द्वारा अपनी सीमा में बड़े पैमाने पर सैन्य ढांचा तैयार करने के बाद भारत ने भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं। इसके तहत चीन से सटी सीमा में रणनीतिक सड़क का निर्माण कराया है और अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की तैनाती की गई। इसके अलावा असम में सु-30एमकेआइ भी तैनात किए गए। सेना ढुलाई व लड़ाकू विमानों के लिए लद्दाख और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पुरानी हवाईपट्टियों को भी दुरुस्त कर रही है।


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