ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई
दिल्ली तटीय
सीमा की अबाध इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही रडार
श्रृंखला का नया फेज शुरू करेगा। समुद्री सरहद की सुरक्षा की प्राथमिकता
गिनाते हुए रक्षा मंत्री एके एंटनी ने तटरक्षक बल कमांडरों की बैठक
में कहा कि निगरानी के काम में मछुआरों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया
जाना चाहिए। तटरक्षक
बल कमांडरों की 31वीं
बैठक को संबोधित करते हुए एंटनी ने कहा कि बल की
ताकत को अगले चार-पांच साल में दोगुना कर दिया जाएगा। बीते साल जहां पूर्वोत्तर
मुख्यालय व पांच स्टेशनों को शुरू किया गया वहीं चालू वित्त वर्ष
के अंत तक छह और स्टेशन काम करना शुरू कर देंगे। एंटनी ने बताया कि भारत
की साढ़े सात हजार किलोमीटर लंबी तटरेखा की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की परियोजना
का पहला चरण पूरा होने के करीब है। महत्वपूर्ण है कि इसके तहत 46 रडार
लगाए जा रहे हैं। वहीं
दूसरे चरण में अतिरिक्त 38 रडार
स्थापित किए जाने हैं। तटरक्षक बल के महानिदेशक वाइस
एडमिरल एमपी मुरलीधरन ने कहा कि बल के क्षमता विस्तार की रफ्तार
में काफी तेजी आई है। नए निगरानी पोत खरीदे जा रहे हैं वहीं बीते साल
पोरबंदर में डोर्नियर विमानों की एक स्क्वाड्रन भी तैनात की गई है। समुद्री
सीमाओं की हवाई निगरानी के लिए दो एयर स्टेशन, 5 एयर एंक्लेव और चार
स्क्वाड्रन बनाने की योजना प्राथमिकता के आधार पर बढ़ रही है।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -2,21 -9-2012 lqj{kk
No comments:
Post a Comment