झारखंड के लिए नासूर बन चुके नक्सलियों की अब खैर नहीं। चाहे वह कितने ही घने जंगल में क्यों न छिपे हों, उन्हें खोज निकाला जाएगा। उनकी हर गतिविधि पर पैनी निगाह रखने का इंतजाम झारखंड सरकार ने कर लिया है। निगाह रखने वाले का नाम है नेत्रा। यह कोई पुलिस का विशेष दक्षता प्राप्त जवान नहीं, बल्कि मानव रहित हवाई तकनीक है, जो आसमान से कम दूरी के अभियान के लिए बेहद उपयुक्त है। आसमान में देखने से यह पक्षी जैसा प्रतीत होता है। रात हो या दिन संबंधित स्थल पर जिस मुख्य केंद्र के लिए इसे स्थापित किया जाता है, उसकी तस्वीर इससे जुड़े उपकरण के सहारे कंप्यूटर तक पहुंच जाता है। इससे जुडे़ टेलीविजन में भी तस्वीर साफ दिखाई पड़ती है। नेत्रा का वजन मात्र 1.50 किलोग्राम है। इंडिया फोर्ग व डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थान ने संयुक्त तौर पर नेत्रा का निर्माण किया है। मंगलवार की शाम रांची के जैप वन मैदान में इसका ट्रायल किया गया। इस दौरान नेत्रा को निर्माण करने वाली कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा व डीजीपी नेयाज अहमद सहित मौजूद अन्य अधिकारियों को नेत्रा की खासियत से वाकिफ कराया।
No comments:
Post a Comment