Sunday, January 23, 2011

इसी साल दिखेगा स्वदेशी विमानवाहक पोत


वायुसेना में स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान के शुमार की तैयारियों के बीच भारतीय नौसेना इस साल स्वदेशी विमानवाहक पोत के सामने आने की बाट जोह रही है। नौसेना मुख्यालय को उम्मीद है कि कोच्ची शिपयार्ड में बन रहे स्वदेशी विमानवाहक पोत का जलावतरण इसी साल हो जाएगा। अपने बेड़े की ताकत बढ़ाने में जुटी भारतीय नौसेना अगले साल रूसी विमानवाहक पोत गोर्शकोव की अगवानी की भी तैयारी कर रही है। वाइस एडमिरल अनिल चोपड़ा के मुताबिक नौसेना को उम्मीद है कि कोच्ची शिपयार्ड में बन रहा पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत सामने आ जाएगा। उन्होंने बताया कि नौसेना की योजना अगले दशक के मध्य में दो विमानवाहक पोत के साथ अपने बाजुओं की क्षमता बढ़ाने की है। वहीं चोपड़ा ने बताया कि दोनों विमानवाहक पोतों के आ जाने पर नौसेना मौजूदा एयरक्राफ्ट कैरियर आइएनएस विराट को सेवामुक्त कर देगी। हालांकि वरिष्ठ नौसेना अधिकारी इस बात से इनकार नहीं करते कि स्वदेशी विमान वाहक पोत को सेवा में आने में कुछ देर सकती है। यदि स्वदेशी विमानवाहक पोत का इस साल जलावतरण हो भी गया तो भी उसे नौसेना में शामिल होने में कम से कम छह साल का समय लगेगा। इस बीच भारत ने अपने दूसरे विमान वाहक पोत को तैयार करने की परियोजना पर भी काम शुरू कर दिया है। वैसे, वाइस एडमिरल चोपड़ा के अनुसार भविष्य के विमानवाहक पोत का आकार और ताकत इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय वायुसेना अपने लिए कौन से लड़ाकू विमान चुनती है। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना के इकलौते विमानवाहक पोत विराट के पास केवल सी-हैरियर विमान ही हैं। वहीं नौसेना के लिए खास तौर पर तैयार किए गए मिग-29 विमान युद्धपोत गोर्शकोव की आमद का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि नौसेना में विमान वाहक पोतों की आमद के साथ ही स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान का नौसैनिक संस्करण भी तैयार हो जाएगा।


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