चीनी घुसपैठियों से दो दिन की पूछताछ के बाद खुफिया एजेंसियों का संदेह गिरफ्तार महिला ल्यु यांग पर बढ़ गया है। ल्युयांग ने जापान के एक विश्र्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया है। वह कई भाषाओं की जानकार है। इन भाषाओं को वह धारा प्रवाह बोल व समझ लेती है, लेकिन वह चीन में काम क्या कर रही है। इस बात की जानकारी खुफिया अधिकारी अभी तक हासिल नहीं कर सके हैं। गिरफ्तार चीनी घुसपैठियों में लिस्वो डांग व चेनरांग नेपाल में एक ऐसी चीनी कंपनी में काम कर रहे हैं जिसका मुख्यालय भारत में है। ल्यु यांग न तो इन दोनों की सहकर्मी है और न ही रिश्तेदार। ल्यु यांग से चेन रांग की मुलाकात शंघाई में हुई। मुलाकात कैसे हुई, इस बारे में वह जांच एजेंसियों को कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है। गिरफ्तार चीनी नागरिकों को पुलिस रिमांड पर लेकर गोपनीय स्थान पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों को ल्यु यांग का आचरण शुरू से ही संदिग्ध नजर आता रहा है। उसके कार्य व्यवहार तथा पूछताछ के दौरान मिल रही जानकारी ने उस पर संदेह बढ़ा दिया है। सिर्फ चेनरांग से दोस्ती के आधार पर ल्यु यांग का नेपाल आना और फिर भारत में घुसना खुफिया एजेंसियों के गले नहीं उतर रहा है। इस बीच चीनी घुसपैठियों के पास से बरामद आयकर विभाग का पेनकार्ड फर्जी पाए जाने की चर्चा है। जिला पुलिस ने मामले की विवेचना रुपईडीहा थाना को सौंप रखी है। पिछले दिनों सीमा पर कैंपों की फोटोग्राफी करते समय एसएसबी के जवानों ने तीनों को धर-दबोचा था। चीन ने इनके जासूस होने की आशंका को खारिज करते हुए अपना नागरिक बताया था।
No comments:
Post a Comment