Thursday, February 3, 2011

पाक के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 110 हुई


पाकिस्तान ने परमाणु जखीरे में दोगुनी बढ़ोतरी करते हुए हथियारों की संख्या 110 तक पहुंचा दी है। इसके अलावा परमाणु शक्ति के मामले में भारत से आगे बढ़ने के उद्देश्य से वह नए हथियार विकसित करके उनकी तैनाती की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहा है। पाकिस्तान के संबंध में काफी समय से खबरें आ रही थीं कि वह परमाणु बमों की संख्या बढ़ाने के मसकद से यूरेनियम और प्लूटोनियम का उत्पादन बेहद तेज से कर रहा है। अमेरिकी समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है, जबकि चार वर्ष पहले यह अनुमानत: 30 से 80 के बीच थी। रिपोर्ट में विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान के अध्यक्ष डेविड अलब्राइट के हवाले से कहा गया, पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों की उत्पादन क्षमता में बहुत तेज वृद्धि कर ली है। अलब्राइट ने कहा कि प्लूटोनियम और उच्च संव‌िर्द्धत यूरेनियम का उत्पादन बढ़ने के आधार पर पाकिस्तान के पास वर्तमान में 110 परमाणु हथियार हो सकते हैं। गैर आधिकारिक अमेरिकी विश्लेषक ने कहा कि हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम का दो संयंत्रों में उत्पादन करने के अलावा पाकिस्तान ने प्लूटोनियम का उत्पादन भी काफी बढ़ा दिया है, जिससे अब वह वारहेड ले जाने वाले सचल प्रक्षेपण प्रणाली के लिए और अधिक हल्के बमों का निर्माण कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने नया प्रक्षेपास्त्र शाहीन द्वितीय विकसित किया है। इसकी मारक क्षमता 2415 किलोमीटर है। इस प्रक्षेपास्त्र को बहुत जल्द तैनात किया जाना है। इसके अलावा पाकिस्तान ने परमाणु सक्षम और भूमि और हवा से दागे जाने वाले क्रूज प्रक्षेपास्त्रों का विकास कर लिया है। रिपोर्ट में कहा गया, पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों में इस्तेमाल करने के लिए उल्लेखनीय रूप से यूरेनियम और प्लूटोनियम का उत्पादन बढ़ाने के साथ ही इनके प्रक्षेपण के लिए नए हथियार भी विकसित कर लिए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि वर्षों तक सामरिक शक्ति के मामले में परमाणु शक्ति सम्पन्न प्रतिद्वंद्वी भारत के बराबर रहने के बाद पाकिस्तान अब उससे आगे निकल गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने अधिक परमाणु हथियारों का उत्पादन किया है, जबकि भारत के बारे में माना जाता है कि उसके पास भविष्य में परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री है। समाचार पत्र की रिपोर्ट में पाकिस्तान को क्षेत्र का सबसे अस्थिर देश बताते हुए कहा गया कि दक्षिण एशिया में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने की होड़ ने अमेरिकी प्रशासन के लिए असमंजस की स्थिति उत्पन्न कर दी है।



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