Saturday, February 5, 2011

बेहतर समन्वय से शांति कायम करें सुरक्षाबल


गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सेना और सुरक्षाबलों को बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। राज्य के दौरे पर आए चिदंबरम ने शुक्रवार को यहां सिक्योरिटी रिव्यू बैठक में मौजूदा सुरक्षा हालात के साथ अन्य कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की। सीएम आवास में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ सेना, सुरक्षाबलों, राज्य पुलिस व खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान सीमा पार गए गुमराह युवकों की वापसी की पुनर्वास योजना, सुरक्षाबलों में कटौती, कई जिलों में सेना के विशेषाधिकार समाप्त करने जैसे मुद्दे भी उठे। बैठक में बताया गया कि सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ लेने के लिए सीमा पार बैठे 312 युवाओं ने आवेदन किया है। ये लोग हथियारों का प्रशिक्षण लेने सीमा पार गए थे। बैठक में सीमा पार की चुनौतियों, घुसपैठ के प्रयासों, आतंकवाद से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीति के साथ खुफिया एजेंसियों को मिली ताजातरीन सूचनाओं पर भी गौर किया गया। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विचार के दौरान भाजपा की तिरंगा यात्रा का मुद्दा भी उठा। बैठक में केंद्र के वार्ताकारों द्वारा समय-समय पर सौंपे गए सुझाव भी बहस में आए। राज्य समस्या का राजनीतिक हल तलाश रहे वार्ताकारों के सुझावों में सुरक्षाबलों की संख्या में कटौती के साथ उन जिलों से विशेष अधिकारी समाप्त करना भी शामिल हैं जहां आतंकवाद पर काबू पा लिया गया है। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री ताराचंद के साथ सीआरपीएफ के डीजी के विजय कुमार, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी कुलदीप खुड्डा और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक से पूर्व सुबह गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बैठक कर राज्य के राजनीतिक हालात के साथ अन्य कई मुद्दों पर विचार किया। इसके बाद गृहमंत्री किश्तवाड़ जिले के दौरे पर रवाना हो गए। सुरक्षाबलों के प्रयासों से जिले में आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। वहां के हालात का जायजा लेकर वह दोपहर को दिल्ली भी लौट गए.

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