भारतीय वायुसेना में शुमार हुए पहले सी-130जे विमान के बाद अब अमेरिका ने इस कुनबे के दूसरे विमान बेचने की कोशिशें भी तेज कर दी है। विमान निर्माता अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन की कोशिश अब भारत को तूफानों की पड़ताल में माहिर हरिकैन हंटर विमान बेचने की है। भारी मालढोही सी-130जे विमान के प्लेटफॉर्म पर बने हरिकैन हंटर विमान में वातावरण के छोटे से छोटे बदलावों को भी पकड़ने की क्षमता है। अमेरिकी खेमे की कोशिश यह विमान प्रधानमंत्री की अगुआई वाले राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनडीएमए) को बेचने की है। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि इस संबंध में हुई मुलाकातों के बाद एनडीएमए ने विमान खरीदने में रुचि दिखाई है। उनका कहना है कि फिलहाल भारत में मौसम का आकलन मुख्यत: जमीन पर स्थित रडार नेटवर्क के सहारे होता है। ऐसे में यह विमान मौसम विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों को आसमान में हो रहे मौसमी बदलावों को पढ़ने की बेहतर क्षमता दे सकता है। कंपनी के मुताबिक भारत में इस विमान की खास खूबियों की नुमाइश के लिए ही इसे 9 फरवरी से शुरु हो रहे एयरो इंडिया शो में भी उतारा जा रहा है। करीब 30 मीटर लंबे और लगभग 12 मीटर ऊंचे इस विमान में न केवल 19 टन से अधिक वजन ढोने की क्षमता है बल्कि यह मौसम के आकलन के लिए एरियल रिकानसेंस वैदर ऑफिस सिस्टम (एआरडब्ल्यू) समेत अनेक उपकरणों से लैस है। यह उपकरण विमान में लगे सेंसर से हासिल सूचनाओं को प्रोसेस करता है। इन सुविधाओं के साथ ही विमान में उड़ान के दौरान सेटेलाइट संचार और नेवीगेशन की सुविधाएं भी हैं। भारतीय वायुसेना ने राहत अभियानों समेत अपनी विशेष सैन्य जरूरत के लिए अमेरिका से छह सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान भी खरीदे हैं।
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