Thursday, February 3, 2011

विश्व की पांचवीं परमाणु ताकत बनने की राह पर पाकिस्तान


ओबामा प्रशासन के सत्तासीन होने के बाद पाकिस्तान में परमाणु हथियारों के निर्माण में तेजी आई है। यही नहीं, वह विश्र्व की पांचवी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। जल्द ही वह तीसरे और पांचवें स्थान पर मौजूद फ्रांस और ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ देगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया आकलन में यह निष्कर्ष निकला है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2009 में सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान की परमाणु शक्ति में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। उसके पास करीब 110 परमाणु हथियार हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद ओबामा द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद पर सवाल उठ सकते हैं। एक अधिकारी का कहना है कि वर्तमान में पाकिस्तान के पास इतने परमाणु हथियार हैं कि वह प्रभावी ढंग से भारत का प्रतिरोध कर सकता है। परमाणु हथियारों की फेहरिस्त में रूस सबसे ऊपर है। उसके बाद अमेरिका, फ्रांस, चीन और ब्रिटेन आते हैं। जबकि पाकिस्तान छठें और भारत सातवें स्थान पर है। मीडिया में यह खबर उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चार साल में अपने परमाणु हथियार के जखीरे को दोगुना कर लिया है। इन हथियारों में अधिकांश उसने भारत से लगी सीमा पर तैनात कर रखे हैं। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी भी रिपोर्ट से इंकार किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पी.जे. क्राउले ने कहा, यह आंकड़े एक गैर सरकारी संगठन की ओर से आए हैं। हम परमाणु मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं करते।


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