इस वर्ष 50 हजार करोड़ के पनडुब्बी टेंडर जारी किए जाएंगे
नौसेना इस वर्ष के अंत तक 50 हजार करोड़ रुपए मूल्य के अगली पीढ़ी की पनडुब्बियों के लिए वैश्विक स्तर पर टेंडर आमंत्रित करेगी। नौसेना प्रमुख एडमिरल निर्मल वर्मा ने पनडुब्बी विषय पर आयोजित एक सेमिनार से इतर संवाददाताओं को बताया- ‘‘सरकार ने ‘प्रोजेक्ट 75 इंडिया’ को मंजूरी प्रदान कर दी है जो छह पनडुब्बियों की अगली खेप है। इस समय हम रिक्वेस्ट फोर इनफोरमेशन (आरएफआई) प्रक्रि या को अपना रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इस वर्ष के भीतर हम टेंडर जारी करने में सक्षम होंगे।’’ प्रोजेक्ट 75 इंडिया स्कोर्पीन पनडुब्बी परियोजना का अगला चरण है जिनमें से छह पनडुब्बियों का निर्माण मझगांव डाकयार्ड लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डीसीएनएस के साथ 20 करोड़ रुपए का करार हुआ है। पनडुब्बियों की घटती संख्या के कारण नौसेना अगले 10-12 साल में 12 से अधिक पनडुब्बियां शामिल करने पर विचार कर रही है। मुंबई में स्कोर्पीन पनडुब्बी के निर्माण में देरी के मद्देनजर इन योजनाओं को झटका लगा है। भावी पनडुब्बियों की क्षमताओं के बारे में नौसेना प्रमुख ने कहा-‘‘यह इस दृष्टि से अलग होगा कि हम गुणात्मक जरूरतों को ध्यान में रख कर चल रहे हैं। बेहतर सेंसरों के साथ इसमें उच्च स्तर की डिटेक्शन रेंज तथा काम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम होगा।’’
नौसेना प्रमख ने कहा कि पनडुब्बियों के लिए वह एयर इंडिपेंडेंट प्रोप्लशन (एआईपी) पण्राली को अपनाएंगे जो पानी के भीतर अधिक समय तक उनकी क्षमता को बढ़ाएगी। पनडुब्बियों में अगली पीढ़ी की हथियार पण्राली के बारे में वर्मा ने कहा कि नौसेना मिसाइल के साथ ही आधुनिक तारपीडो के इस्तेमाल की योजना बना रही है जिन्हें स्कोर्पीन पनडुब्बियों पर तैनात किया जा रहा है। श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों को निशाना बनाए जाने के संदर्भ में उनकी सुरक्षा संबंधी सवाल पर नौसेना प्रमुख ने कहा- ‘‘श्रीलंका के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान भी यह मुद्दा उठा था। इसका समाधान संयुक्त कार्य समूह द्वारा किए जाने की संभावना है और यही इसे सुलझाने का रास्ता है।’’
अमेरिका और जापान की नौसेनाओं के साथ भारत के आगामी अभ्यासों के बारे में चीन द्वारा चिंता जताए जाने के बारे में उन्होंने किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा-‘‘आपको यह बात ध्यान में रखनी होगी कि ये अभ्यास पहली बार नहीं हो रहे हैं। ऐसी किसी चिंता की मुझे जानकारी नहीं है।’’ सालाना ट्रोपेक्स अभ्यास के बारे में एडमिरल ने कहा कि सेना और वायुसेना के अलावा नौसेना पहली बार इस अभ्यास में शामिल होगी।
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