Sunday, October 14, 2012

गृहमंत्री ने कहा, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं




जागरण ब्यूरो, श्रीनगर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर सरकार व सुरक्षा एजेंसियों को यकीन दिलाया कि जम्मू-कश्मीर में अमन बनाए रखने के लिए केंद्र हर प्रकार से सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और न ही किसी को कश्मीर में हालात खराब करने की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने पंच-सरपंचों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पर भी जोर दिया। गृहमंत्री कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने श्रीनगर में एकीकृत मुख्यालय की बैठक में राज्य के सुरक्षा परिदृश्य व पंच-सरपंचों पर आतंकी हमलों से उत्पन्न हालात का जायजा लिया। बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा प्रशासन व सेना के आला अधिकारी भी थे। इस दौरान गृहमंत्री ने आतंकियों पर नकेल कसने व कश्मीर में कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान के लिए सुरक्षाबलों की भूमिका की भी सराहना की। अधिकारियों ने गृहमंत्री को बताया कि आतंकियों से मिली सूचना के अनुसार आने वाले दिनों में घुसपैठ के प्रयासों में तेजी आ सकती है। इस पर गृहमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और सुरक्षा चक्र को और मजबूत बनाने को कहा। मौसम खराब रहने की वजह से केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे उत्तरी कश्मीर में एलओसी से सटे गुरेज सेक्टर में नहीं जा पाए। उन्हें गुरेज में अग्रिम चौकी नीरू जाकर हालात का जायजा लेने के साथ जवानों को भी संबोधित करना था। उन्होंने डल झील का निरीक्षण किया और लाल चौक भी गए। पूरी हुई बचपन की कामना श्रीनगर: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शनिवार को हजरतबल दरगाह में माथा टेका और देश में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने कहा, आज मेरी बचपन की कामना पूरी हुई। दोपहर करीब तीन बजे केंद्रीय गृहसचिव हजरतबल दरगाह पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं कश्मीर 1980 से ही आ रहा हूं, लेकिन हजरतबल दरगाह नहीं आ पाया। बचपन से ही यहां आने की ख्वाहिश थी पर यह ख्वाहिश पूरी नहीं हो पा रही थी। शायद यह ईश्वर की मर्जी थी कि मैं देश का गृहमंत्री बनूं और उसके बाद ही यहां दरगाह में आकर हाजिरी दूं।



Dainik jagran Nation Edition 14-10-2012 सुरक्षा Pej-4

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