नई दिल्ली, एजेंसी : विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध
क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात जवानों को बेहतर
सुविधा मुहैया कराने के मद्देनजर भारतीय वायुसेना हल्के हेलीकॉप्टर
खरीदेगी। वायुसेना ने इस बाबत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)
को 12 चीतल
हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए प्रस्ताव भी भेज दिया है। चीतल, चीता
हेलीकॉप्टर का उन्नत संस्करण है। वायुसेना ने चीतल को
दुर्गम युद्ध क्षेत्रों में तैनात करने का फैसला एलयूएच
(लाइट यूटीलिटी हेलीकॉप्टर) की खरीद में देरी को देखते हुए किया है। चीता
और चेतक के कुछ बेड़ों को वायुसेना जम्मू और कश्मीर के लेह और थॉयज जैसे
दुर्गम युद्ध क्षेत्रों में तैनात कर चुकी है। जानकारों के मुताबिक अधिक
ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम चीतल के इंजन को इन दोनों हेलीकॉप्टरों से
ज्यादा शक्तिशाली बनाया गया है। सुरक्षा बलों की विभिन्न
जरूरतों को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने 197 हेलीकॉप्टर खरीदने का
फैसला किया है। इनमें 133 सेना
को और 64 हेलीकॉप्टर वायुसेना
को सौंपे जाएंगे। नौसेना ने भी अपनी जरूरत के मुताबिक अलग से 56 हेलीकॉप्टर
खरीदने का फैसला किया है। सशस्त्र बलों की मारक और परिवहन क्षमता
को बढ़ाने के लिए अगले पांच से 10 वर्षो में एक हजार हेलीकॉप्टर खरीदने
का निर्णय लिया गया है। इन हेलीकॉप्टरों को चीता और चेतक के स्थान पर
तैनात किया जाएगा।
Dainik Jagran National Edition 15-10-2012 SuRakhsha Pej-1
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