Thursday, October 18, 2012

पुणे ब्लास्ट में चौथी गिरफ्तारी जयपुर से




ठ्ठजागरण संवाददाता,नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुणे ब्लास्ट में शामिल आइएम (इंडियन मुजाहिदीन) के चौथे आतंकी लंदगे इरफान मुस्तफा (30) को जयपुर से गिरफ्तार किया है। इरफान महाराष्ट्र के अहमदनगर का निवासी है। एक निजी कंपनी में इंजीनियर रह चुका इरफान ने ही पुणे के कसरबाड़ी में किराये पर फ्लैट लिया था। रियाज भटकल से पुणे ब्लास्ट के लिए उसे दो किश्तों में तीन लाख रुपये भी हवाला के जरिये हासिल हुए थे। विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव के अनुसार इरफान की छोटी बहन गौहर की शादी वर्ष 2007 में असद से हुई थी। जीजा-साले ने मिलकर चार अन्य आइएम आतंकियों के साथ पुणे ब्लास्ट को अंजाम दिया था। ब्लास्ट में शामिल असद एवं इमरान को 26 सितंबर को जबकि फिरोज को स्पेशल सेल टीम ने 1 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों के कब्जे से 5 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। आतंकियों का इरादा दिल्ली तथा बिहार के बोध गया में तबाही मचाने का था। स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव यादव की देखरेख में पुलिस टीम राजनगर दरगाह, दरिया रोड, मुकुंद नगर अहमदनगर निवासी इरफान मुस्तफा की तलाश कर रही थी। महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई। 9 अक्टूबर को पता लगा वह जयपुर के लिए रवाना हुआ है। 10 अक्टूबर की सुबह पुलिस ने इरफान को जयपुर के सिंधी बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि जुलाई में भटकल ने पुणे में एक किराये के फ्लैट का इंतजाम करने का आदेश दिया था। इसके बाद वह पुणे गया। फिरोज के साथ मिलकर उसने कसरबाड़ी में बिना कोई पहचान पत्र दिए एक फ्लैट हासिल किया। पुणे पहुंचे बम बनाने के एक्सपर्ट शाकिर व अहमद को उसने लक्ष्मी टॉकीज के समीप से रिसीव किया था। उनमें से एक आतंकी से इरफान नवंबर 2011 में मिल चुका था। दोनों ने इलेक्ट्रानिक सामान की लिस्ट दी। इसे पुणे से ही खरीदा गया। इरफान ने फिरोज को किराये के फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए रहने व खाने-पीने आदि सामान के इंतजाम की जिम्मेदारी सौंपी थी। बम बनाने में इरफान अन्य साथियों के साथ शामिल था। सूत्रों के अनुसार इमरान को असद से मिलवाने वाला इरफान ही था। अहमदनगर में ड्रीमलैंड सोसाइटी में रहने वाले इमरान से उसकी दोस्ती थी। दोनों ही जेहादी विचारधारा के चलते जल्दी अच्छे दोस्त बने थे। असद से बहन की शादी के बाद इरफान अक्सर वहां मिलने आता जाता था। यही उसने इमरान को असद से मिलवाया। सैय्यद फिरोज, समीर नाम के व्यक्ति के माध्यम से इरफान के संपर्क में आया था। अहमदनगर निवासी समीर उसकी दुकान पर कपड़े खरीदने आता था। फिरोज का बेटा हमजा अहमदनगर के बारा बबली के जामिया मोहम्मदिया मदरसे में पढ़ता था। इसके चलते अक्सर वह अहमद नगर आता था। अक्सर यहां वह इरफान से मिलता। पुलिस के अनुसार इरफान जनवरी 2008 से मई 2009 तक टीवीएस आइसीएस कंपनी में इंजीनियर था। 2011 में उसने असद, इमरान के साथ में कटकटगेट औरंगाबाद में एक्सपर्ट रीयल एस्टेट नामक से कारोबार शुरू किया था। असद की फैय्याज कागजी से मुलाकात के बारे में पुलिस ने खुलासा किया है कि असद और इमरान 2008 में खिदमत के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां वह कागजी से मिले। कागजी ने उन्हें अपनी ईमेल आइडी दी थी। इसके बाद वह उसके संपर्क में रहे। 2009 और 2010 में भी असद खिदमत के लिए मक्का गया। वहां कागजी ने उसे रियाज भटकल से मिलवाया था।

Dainik Jagran Nation Edition 18-10-2012  Shuraksha Pej -2

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