|
|
|
सिविल सोसायटी ने भूमि सुधार
एग्रीमेंट पूरा कराने को रखी मांग
अजय तिवारी/एसएनबी नई दिल्ली।
सिविल सोसायटी अपने साथ किए एग्रीमेंट को जल्द पूरा कराने के लिए राष्ट्रीय
सलाहकार परिषद (एनएसी) की तरह टॉस्क फोर्स का भी बकायदा एक सचिवालय चाहती है। यह बात सिविल
सोसायटी इसलिए कह रही है ताकि सरकार या
मंत्री के बदलने पर भी भूमि सुधार पर काम होता रहे। टॉस्क
फोर्स की बुधवार को
होने वाली तैयारी बैठक में गांधीवादी नेता राजगोपाल, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश से यही बात रखने
वाले हैं। राजगोपाल के साथ ही ग्रामीण
विकास मंत्री जयराम रमेश ने भूमि सुधार के दस बिंदुओं पर छह
महीने के भीतर काम
कराने का एग्रीमेंट किया है। हालांकि टॉस्क फोर्स का सदस्य बनाए जा रहे डी.
बंदोपाध्याय ने कोलकाता से राष्ट्रीय सहारा से फोन पर कहा कि उन्हें नहीं
मालूम है कि भूमि सुधार पर कोई टॉस्क फोर्स भी बनाई जा रही है। जब यह पूछा
गया कि आप भूमि सुधार पर बेहद जानकार व्यक्ति हैं। अगर आपको बैठक में आने
के लिए बुलाया गया तो, उन्होंने
कहा कि वह नहीं जाएंगे क्योंकि उनकी
सेहत इसकी इजाजत नहीं देती। वहीं राजगोपाल के साथी रमेश
शर्मा ने कहा कि पहली
बैठक में उनकी कोशिश यही रहेगी कि सरकार यह तय कर ले कि छह महीने में कौन
से काम कब किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारा एजेंडा वही है जो सरकार ने
एग्रीमेंट किया है। रमेश शर्मा ने बताया कि हम चाहते हैं कि टॉस्क फोर्स
नियमित काम करें। इसलिए बुधवार की बैठक में इसका सचिवालय बनाने की बात
रखी जाएगी। जहां तक सरकार की बात है वह भूमि सुधार पर सिविल सोसायटी के साथ
किए गए एग्रीमेंट को पूरा करने के लिए टॉस्क फोर्स का सचिवालय बनाने के
बारे में कुछ भी साफ नहीं कर रही है। टॉस्क फोर्स की बैठक मंगलवार की शाम
को ही होने वाली थी। संभवत: भूमि अधिग्रहण विधेयक पर मंत्री समूह की बैठक
के चलते इसे एक दिन आगे खिसकाया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश
की अध्यक्षता वाली टॉस्क फोर्स में ग्रामीण विकास,
आदिवासी मामलों,
वन पर्यावरण, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालयों के सचिवों को भी रखा
जा रहा
है। सरकार के अन्य सदस्यों में योजना आयोग के सदस्य मिहिर शाह और एनएसी का
एक अधिकारी होगा। इन दोनों ने गांधीवादी राजगोपाल के साथ किए गए सरकार के
एग्रीमेंट को तैयार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजगोपाल के प्रतिनिधियों
से साथ हुई बैठकों में भी यह मौजूद रहे थे। बताया जा रहा है कि
राजगोपाल ने भी गैरसरकारी सदस्यों के तौर पर प्रसिद्ध गांधीवादी एसएन सुब्बा
राव, बाल
विजय और प्रवीण झा सरीखे कुछ नाम सुझाए हैं। टॉस्क फोर्स की पहली बैठक जल्दबाजी में बुलाई गई
लगती है। इसीलिए इसे तैयारी बैठक बताया
जा रहा है। इस बैठक को जल्दी कराके शायद ग्रामीण विकास
मंत्री जयराम रमेश यह दिखाना चाह रहे हैं कि वह एग्रीमेंट पर जल्द काम कराना
चाहते हैं। वास्तव
में एग्रीमेंट पर जल्द कुछ होगा अभी कहना मुश्किल है।
टॉस्क फोर्स की बैठक बुधवार को, आधी तैयारी ही हुई
|
Rashtirya sahara National Edition 16-10-2012 Shuraksha Pej-9
No comments:
Post a Comment