नई दिल्ली, एजेंसी : सशस्त्र बल शुक्रवार को
संयुक्त कमांडर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ
तीन नई संयुक्त कमानों के गठन पर चर्चा करेंगे। अंतरिक्ष, साइबरस्पेस
और विशेष ऑपरेशनों से जुड़े सुरक्षा मुद्दों से निपटने
के लिए इन्हें तैयार किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय की कोशिश है कि सेना
के तीनों अंगों के बीच समन्वय के साथ इनका गठन हो, ताकि संसाधनों का बेहतर
उपयोग हो सके। रक्षा
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि नई कमानों-विशेष ऑपरेशन, एयरोस्पेस
और साइबरस्पेस की रूपरेखा पर सेना के तीनों अंगों में चर्चा जारी है।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री के समक्ष इससे जुड़े तमाम मुद्दों को उठाया जाएगा।
इस दौरान रक्षा मंत्री एके एंटनी और वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी होंगे।
एयरोस्पेस कमान के गठन का प्रस्ताव कई सालों से लंबित है। इसके नेतृत्व
को लेकर सेना के तीनों अंगों में एक राय नहीं है। वर्तमान में तीनों
सेवाओं के पास अपने-अपने स्पेस सेल हैं। विशेष ऑपरेशन कमान को भी इस तरह
से गठित करने की योजना है, ताकि
तीनों अंग जरूरत के मुताबिक इसका इस्तेमाल कर सकें। हाल
में सरकारी और सैन्य नेटवर्को पर हुए साइबर हमलों के
कारण इसकी जरूरत महसूस की गई है। नौसेना दक्षिणी
राज्यों से दूर श्रीलंका संग करेगी अभ्यास नई दिल्ली : तमिलनाडु
के राजनीतिक दल श्रीलंका से किसी भी तरह के सैन्य संबंध
का जोरदार विरोध कर रहे हैं। इसे देखते हुए भारत के रक्षा मंत्रालय ने
नौसेना को कहा है कि भविष्य में वह श्रीलंका के साथ किसी अभ्यास का आयोजन
चार दक्षिण भारतीय राज्यों से दूर करे। नौसेना श्रीलंका के साथ दो संयुक्त
अभ्यास कर चुकी है। इसका कोड नाम स्लाइनेक्स था। पहला अभ्यास वर्ष 2005 में
व दूसरा पिछले साल सितंबर में त्रिंकोमाली समुद्र तट पर संपन्न हुआ। एक
अधिकारी ने कहा, मंत्रालय
ने हमें सलाह दी है कि हम श्रीलंकाई नौसेना के साथ
स्लाइनेक्स श्रृंखला का अभ्यास तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और
कर्नाटक समुद्र तट से दूर करें। रक्षा मंत्रालय की यह एडवाइजरी संभवत: इस
पूरे प्रसंग की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर आई है। नौसेना स्लाइनेक्स के
अगले चरण पर विचार कर रही है। इस बार आयोजन भारतीय जल क्षेत्र में होना है।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने श्रीलंका के कथित तमिल विरोधी रुख पर
तमिलनाडु में चल रहे श्रीलंकाई सैनिकों का प्रशिक्षण तत्काल बंद करने व उन्हें
वापस श्रीलंका भेजने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। जिसके बाद
नौ श्रीलंकाई रक्षाकर्मियों को तमिलनाडु से हटाया गया था।
Dainik Jagran National Edition 19-10-2012 Suraksha Pej-5
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