Friday, October 19, 2012

नक्सलियों ने मिलाया आइएसआइ से हाथ





ठ्ठजागरण ब्यूरो, नई दिल्ली सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के कारण अपनी जमीन खोते नक्सलियों और हाशिए पर जाते सीमा पार के आतंकी आकाओं व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने आपस में हाथ मिला लिया है। नक्सलियों और आतंकी आकाओं का नया गठजोड़ गृह मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य मुद्दा रहा। इस गठजोड़ के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। नक्सलियों के खिलाफ अभियान को नई धार देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित नौ राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि उनके पास नक्सलियों के साथ आइएसआइ के गठजोड़ के सुबूत हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा से जुड़े राज्य के चार-पांच जिलों में नक्सली और आइएसआइ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि बैठक में नक्सली अपहरण से निपटने के लिए मानक कार्रवाई की रूपरेखा पर राज्यों के साथ सहमति नहीं बन पाई। केंद्र सरकार के मसौदे पर राज्यों से अलग से राय भेजने को कहा गया है। सभी राज्यों ने नक्सली इलाकों के विकास के लिए केंद्रीय सहायता से चलाई जा रही समेकित विकास योजना को आगे भी जारी रखने की मांग की। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क बनाने की गति तेज करने के उपाय ढूंढ़ने को कहा गया है। इसके लिए बड़ी कंपनियों के बजाय स्थानीय लोगों और ठेकेदारों को भागीदार बनाने का सुझाव दिया गया है। बैठक में सारंडा की तर्ज पर नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए एकजुट प्रयास करने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि झारखंड के सारंडा के जंगलों में लंबे समय से नक्सलियों का दबदबा रहा है, लेकिन पिछले साल ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पहल कर केंद्रीय व राज्य की तमाम विकास योजनाओं को पूरे इलाके में युद्धस्तर लागू किया। इसका सकारात्मक असर वहां दिख रहा है। राज्य व केंद्रीय अधिकारियों का कहना था कि नक्सलियों को हाशिये पर डालने के लिए इस तरह के एकजुट प्रयास दूसरे इलाकों में भी होने चाहिए। केंद्र सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ एकीकृत कमांड में एकरूपता लाने के लिए सभी राज्यों में इसकी कमान मुख्यमंत्रियों को संभालने का सुझाव दिया। फिलहाल केवल छत्तीसगढ़ में ही मुख्यमंत्री एकीकृत कमांड के प्रमुख हैं।

Dainik Jagran National Edition 19-10-2012 Suraksha Pej-6

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